मध्य प्रदेश में तीसरा चीता आवास विकसित होगा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि सागर जिले के नौरादेही स्थित वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिज़र्व को अगले मानसून से पहले राज्य के तीसरे चीता आवास के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य मंत्रिमंडल ने इसे विकसित करने के लिए सैद्धांतिक मंज़ूरी दे दी है।

नौरादेही को क्यों चुना गया

नौरादेही क्षेत्र में चीतों के लिए आवश्यक आवासीय और पारिस्थितिक परिस्थितियाँ उपलब्ध हैं। यहां एन्क्लोज़र (बाड़ा) तैयार किया जा रहा है ताकि चीतों का सुरक्षित पुनर्वास किया जा सके।

मध्य प्रदेश में मौजूदा चीता आवास

  • कूनो राष्ट्रीय उद्यान (श्योपुर) – पहला चीता आवास (सितंबर 2022)

  • गांधी सागर अभयारण्य (मंदसौर) – दूसरा चीता आवास (अप्रैल 2025)

  • नौरादेही / वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिज़र्व – प्रस्तावित तीसरा आवास

वर्तमान में कूनो में 28 चीते और गांधी सागर में 2 चीते हैं।

चीता परियोजना पर सरकार का दृष्टिकोण

मुख्यमंत्री के अनुसार, भारत और विशेष रूप से मध्य प्रदेश चीता पुनर्वास में सफल एकमात्र क्षेत्र है। राज्य में चीतों की संख्या बढ़ाने और उनके लिए बड़े, सुरक्षित आवास विकसित करने पर काम जारी है।

अन्य वन्यजीव संरक्षण पहल

राज्य सरकार अन्य प्रजातियों के संरक्षण और पुनर्वास पर भी कार्य कर रही है, जिनमें:

  • असम से गैंडे लाने की योजना

  • स्नेक पार्क, रेस्क्यू सेंटर और ज़ू विकसित करना

  • वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देना

यह लेख शैक्षणिक एवं सामान्य सूचना के उद्देश्य से, विषयगत जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।