विश्व की शीर्ष 10 सतत अर्थव्यवस्थाएँ 2025: भारत की रैंक और वैश्विक तुलना

रिपोर्ट का स्रोत और पृष्ठभूमि

Hinrich Foundation और IMD World Competitiveness Center द्वारा संयुक्त रूप से जारी Sustainable Trade Index (STI) 2025 यह दर्शाता है कि देश किस प्रकार आर्थिक वृद्धि, सामाजिक समावेशन और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के बीच संतुलन बना रहे हैं। वर्ष 2025 की रैंकिंग वैश्विक व्यापार में दीर्घकालिक स्थिरता को प्राथमिकता देने की प्रवृत्ति को रेखांकित करती है।

सस्टेनेबल ट्रेड इंडेक्स 2025 की कार्यप्रणाली

STI 2025 में 30 अर्थव्यवस्थाओं का मूल्यांकन तीन प्रमुख स्तंभों के आधार पर किया गया:

  • आर्थिक स्तंभ: व्यापार विविधता, विदेशी निवेश और निर्यात परिष्कार

  • सामाजिक स्तंभ: शिक्षा, श्रम अधिकार और आय समानता

  • पर्यावरणीय स्तंभ: कार्बन उत्सर्जन, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण
    प्रत्येक देश को 100 अंकों में समग्र स्कोर दिया गया।

वैश्विक व्यापार में उभरता नया रुझान

2022 से 2024 तक वैश्विक व्यापार नीति का केंद्र आर्थिक लचीलापन रहा। 2025 तक आते-आते एक नया रुझान सामने आया—आर्थिक एकतरफावाद। इसमें शुल्क वृद्धि, रणनीतिक अलगाव और आत्मनिर्भरता पर जोर शामिल है। STI 2025 इसी बदलाव को प्रतिबिंबित करता है।

2025 की शीर्ष 10 सतत अर्थव्यवस्थाएँ

  • United Kingdom – रैंक 1, स्कोर 100

  • New Zealand – रैंक 2, स्कोर 97.01

  • Australia – रैंक 3, स्कोर 93.26

  • Singapore – रैंक 4, स्कोर 90.01

  • South Korea – रैंक 5, स्कोर 87.22

  • Hong Kong – रैंक 6, स्कोर 83.79

  • Japan – रैंक 7, स्कोर 83.48

  • Canada – रैंक 8, स्कोर 80.45

  • United States – रैंक 9, स्कोर 79.54

  • Taiwan – रैंक 10, स्कोर 77.9

यूनाइटेड किंगडम: नया वैश्विक नेता

यूनाइटेड किंगडम ने पर्यावरणीय स्तंभ में पूर्ण अंक प्राप्त कर पहली बार शीर्ष स्थान हासिल किया। हरित वित्त, नवीकरणीय ऊर्जा और निष्पक्ष व्यापार नीतियों में इसकी अग्रणी भूमिका इसे वैश्विक मानक बनाती है।

एशिया-प्रशांत क्षेत्र की मजबूत उपस्थिति

न्यूज़ीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया जैसे देश सतत नीतियों के माध्यम से व्यापार और पर्यावरण संरक्षण को जोड़ने में सफल रहे हैं। यह एशिया-प्रशांत क्षेत्र की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।

भारत की स्थिति: STI 2025 में 23वाँ स्थान

India को STI 2025 में 23वाँ स्थान मिला, कुल स्कोर 33.2 रहा।

  • आर्थिक स्तंभ: स्कोर 60.0, रैंक 18

  • सामाजिक स्तंभ: स्कोर 23.4, रैंक 27

  • पर्यावरणीय स्तंभ: स्कोर 37.4, रैंक 28
    भारत की मजबूती आर्थिक लचीलेपन में दिखती है, जबकि सामाजिक और पर्यावरणीय संकेतकों में सुधार की आवश्यकता बनी हुई है। नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल व्यापार और विनिर्माण में निवेश भारत की भविष्य की प्रगति के प्रमुख आधार हैं।

यह लेख शैक्षणिक एवं सामान्य सूचना के उद्देश्य से, विषयगत जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।