लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने राष्ट्रीय कैडेट कोर के महानिदेशक का कार्यभार संभाला

पदभार ग्रहण और समय-संदर्भ

लेफ्टिनेंट जनरल Virendra Vats ने 1 अक्टूबर 2025 को National Cadet Corps (NCC) के महानिदेशक के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल Gurbirpal Singh का स्थान लिया। यह जिम्मेदारी ऐसे समय में सौंपी गई है जब एनसीसी अपने कैडेट बल को 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में 20 लाख तक विस्तारित कर रही है।

एनसीसी की भूमिका और दिशा

एनसीसी, जो विश्व का सबसे बड़ा वर्दीधारी युवा संगठन है, अपने आदर्श वाक्य ‘एकता और अनुशासन’ के साथ विकसित भारत@2047 के लक्ष्यों के अनुरूप आगे बढ़ रहा है। संगठन पारंपरिक चरित्र निर्माण और देशभक्ति के साथ-साथ नवाचार, डिजिटल कौशल और वैश्विक जागरूकता को भी एकीकृत कर रहा है।

सैन्य सेवा और अनुभव

लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स को 17 दिसंबर 1988 को भारतीय सेना की 19 कुमाऊं रेजिमेंट में कमीशन प्राप्त हुआ। उनके पास 37 वर्षों की विशिष्ट सेवा का अनुभव है। उन्होंने काउंटर इंसर्जेंसी और काउंटर टेररिज्म जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में सेवाएं दी हैं और अरुणाचल प्रदेश, कश्मीर घाटी तथा सेना मुख्यालय में महत्वपूर्ण नियुक्तियां संभाली हैं।

अंतरराष्ट्रीय और कमान अनुभव

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मिशन के अंतर्गत कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में एक इन्फैंट्री ब्रिगेड का कमान भी संभाला है। इससे पहले वे Defence Services Staff College, वेलिंगटन में कमांडेंट के रूप में कार्यरत थे।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि

लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स National Defence Academy, खड़कवासला; Indian Military Academy, देहरादून; College of Defence Management, सिकंदराबाद; तथा National Defence College, नई दिल्ली के पूर्व छात्र हैं।

एनसीसी के लिए अपेक्षित दृष्टि

उनका व्यापक परिचालन और नेतृत्व अनुभव एनसीसी को नई ऊर्जा देने, युवाओं को अनुशासित, जिम्मेदार और भविष्य के लिए तैयार नागरिक बनाने में संगठन की भूमिका को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यह लेख शैक्षणिक एवं सामान्य सूचना के उद्देश्य से, विषयगत जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।