निर्णय की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
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केंद्र सरकार ने वरिष्ठ रक्षा गणमान्य व्यक्तियों और तीनों सशस्त्र बलों के प्रमुखों के लिए लंबी दूरी के बिज़नेस जेट्स की खरीद की प्रक्रिया शुरू की है।
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इसके लिए रक्षा मंत्रालय ने Request for Information (RFI) जारी किया है।
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उद्देश्य वर्तमान में भारतीय वायुसेना के पास उपलब्ध लगभग 20 वर्ष पुराने बिज़नेस जेट्स के बेड़े को चरणबद्ध तरीके से बदलना है।
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यह प्रतिस्थापन तत्काल नहीं बल्कि क्रमिक रूप से किया जाएगा, जिससे परिचालन निरंतरता बनी रहे।
हालिया विमान दुर्घटना का संदर्भ
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नए विमानों की आवश्यकता का निर्णय हाल ही में 28 जनवरी को हुए एक निजी विमान हादसे की पृष्ठभूमि में लिया गया है।
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इस दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार सहित पाँच लोगों की मृत्यु हुई थी।
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इस घटना ने वीआईपी परिवहन विमानों की सुरक्षा, विश्वसनीयता और आधुनिकता को लेकर चिंताओं को फिर से उजागर किया।
RFI (Request for Information) के प्रमुख बिंदु
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RFI के माध्यम से सरकार ने भारतीय और विदेशी दोनों प्रकार के विक्रेताओं से सुझाव और तकनीकी जानकारी मांगी है।
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इसमें केवल विमान ही नहीं, बल्कि उनसे जुड़े सहायक उपकरणों और प्रणालियों को भी शामिल किया गया है।
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RFI का पहला भाग विमानों की व्यापक परिचालन आवश्यकताओं और प्रमुख तकनीकी मानकों को परिभाषित करता है।
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दूसरा भाग विक्रेताओं द्वारा उत्तर प्रस्तुत करने की प्रक्रिया, अनुपालन शर्तों और निर्धारित प्रारूपों को स्पष्ट करता है।
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इस चरण का उद्देश्य अंतिम खरीद से पहले उपलब्ध विकल्पों का व्यापक मूल्यांकन करना है।
घरेलू और वैश्विक बाजार का आकलन
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सरकार घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में उपलब्ध विमानों का तुलनात्मक अध्ययन करेगी।
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इसमें लागत, तकनीकी क्षमता, सुरक्षा मानक, रखरखाव, परिचालन लचीलापन और दीर्घकालिक उपयोगिता जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा।
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इसके बाद ही अधिग्रहण की अगली औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
वर्तमान बिज़नेस जेट बेड़ा : ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
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21 सितंबर 2005 को चार Embraer Legacy 600 बिज़नेस जेट्स को भारतीय वायुसेना के Air Headquarters Communication Squadron में शामिल किया गया था।
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इनमें से तीन विमान प्रारंभ में मिले थे, जबकि चौथा कुछ महीनों बाद शामिल हुआ।
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इन विमानों के नाम मेघदूत, वायुदूत, नभदूत और गगनदूत रखे गए।
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तब से इनका उपयोग वीआईपी परिवहन और संचार से जुड़े दायित्वों के लिए किया जा रहा है।
मौजूदा Embraer बेड़े की तकनीकी विशेषताएं
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मौजूदा बिज़नेस जेट्स को टेक-ऑफ के लिए लगभग 1,800 मीटर और लैंडिंग के लिए 1,400 मीटर रनवे की आवश्यकता होती है।
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इस कारण ये भारत और विदेशों के अधिकांश हवाई अड्डों से परिचालन में सक्षम हैं।
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विमानों में मिसाइल खतरों से सुरक्षा के लिए Self-Protection Suites भी लगे हुए हैं।
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हालांकि, लंबे समय से सेवा में रहने के कारण इन विमानों की तकनीकी प्रासंगिकता और भविष्य की सुरक्षा आवश्यकताओं पर पुनर्विचार आवश्यक माना जा रहा है।