मेघालय में मेनिंगोकोकल संक्रमण की आशंका

मेघालय में मेनिंगोकोकल संक्रमण की आशंका के बाद सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। शिलांग स्थित एक सैन्य प्रशिक्षण केंद्र में अग्निवीर प्रशिक्षुओं की संदिग्ध मौतों के बाद राज्य सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए स्वास्थ्य परामर्श (Health Advisory) जारी किया है। यह घटना संक्रामक रोगों की त्वरित पहचान, निगरानी और प्रशासनिक समन्वय के महत्व को रेखांकित करती है।

शिलांग के असम रेजिमेंटल सेंटर (ARC) में प्रशिक्षण ले रहे 30 से अधिक अग्निवीर प्रशिक्षुओं में से दो की संदिग्ध मेनिंगोकोकल बैक्टीरियल संक्रमण से मृत्यु हो गई। पहला मामला एक सप्ताह पहले सामने आया, जबकि दूसरी मौत 23 फरवरी को हुई। शेष प्रशिक्षुओं को क्वारंटीन कर मेडिकल निगरानी में रखा गया है। दोनों मौतें Shillong के सैन्य अस्पताल में हुईं।

राज्य सरकार द्वारा जारी स्वास्थ्य परामर्श

27 फरवरी 2026 को मेघालय सरकार ने “मेनिंगोकोकल रोग” को लेकर एक औपचारिक स्वास्थ्य परामर्श जारी किया। इस परामर्श में लोगों से भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचने, स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन करने और सतर्क रहने की अपील की गई। सरकार ने स्पष्ट किया कि स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और फिलहाल यह नियंत्रण में है।

महामारी विज्ञान जांच और प्रशासनिक कदम

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुसार, ईस्ट खासी हिल्स जिला निगरानी इकाई ने सक्रिय महामारी विज्ञान जांच शुरू कर दी है। इसके तहत:

  • रोगियों की केस जांच

  • संपर्क में आए व्यक्तियों की पहचान (contact tracing)

  • प्रयोगशाला परीक्षणों की समीक्षा

  • निगरानी तंत्र को मजबूत करना
    जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया कि अन्य क्षेत्रों में कोई नया संदिग्ध मामला सामने नहीं आया है।

निवारक उपाय और सार्वजनिक सलाह

राज्य सरकार ने आम जनता को कई एहतियाती उपाय अपनाने की सलाह दी है। इनमें भीड़ से बचना, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क पहनना, अच्छी श्वसन स्वच्छता बनाए रखना तथा साबुन और सैनिटाइज़र से नियमित हाथ धोना शामिल है। यह सलाह संक्रमण के सामुदायिक प्रसार को रोकने के उद्देश्य से दी गई है।

लक्षणों को लेकर चेतावनी

सरकार ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी में अचानक तेज बुखार, तेज सिरदर्द, उल्टी, तेजी से फैलने वाले बैंगनी या जामुनी रंग के चकत्ते, बाद के चरण में हाथ–पैरों का पीला पड़ना, रक्त संचार में गिरावट, शॉक या बहु-अंग विफलता जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें। यह लक्षण रोग की गंभीर अवस्था के संकेत हो सकते हैं।

सेना और राज्य स्वास्थ्य विभाग का समन्वय

रक्षा विभाग के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि असम रेजिमेंटल सेंटर में फिलहाल कोई नया संदिग्ध मामला नहीं है। एहतियात के तौर पर पहले मामलों के संपर्क में आए लोगों को सैन्य अस्पताल में अलगाव (isolation) में रखा गया है। मास्क पहनने और आवागमन प्रतिबंध जैसे प्रोटोकॉल जारी हैं। सेना के डॉक्टर मेघालय स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय में काम कर रहे हैं, ताकि किसी संभावित सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट को रोका जा सके।

मेनिंगोकोकल संक्रमण: रोग की प्रकृति

मेनिंगोकोकल संक्रमण एक गंभीर और तीव्र गति से बढ़ने वाला संक्रामक रोग है, जो मस्तिष्क की झिल्ली में संक्रमण (मेनिन्जाइटिस) या रक्त विषाक्तता (मेनिंगोकोसीमिया) का कारण बन सकता है। यह रोग जानलेवा हो सकता है, यदि समय पर इलाज न मिले। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, गर्दन में अकड़न, तीव्र सिरदर्द और न मिटने वाले चकत्ते शामिल हैं।

उपचार और रोकथाम

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मेनिंगोकोकल संक्रमण में तुरंत अस्पताल में भर्ती कर एंटीबायोटिक उपचार आवश्यक होता है। यह रोग टीकाकरण के माध्यम से काफी हद तक रोका जा सकता है, जिससे रोकथाम का महत्व और भी बढ़ जाता है।

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