मुस्लिम राजनीतिक विचारों का आधार क्या है – कुरान, हदीस और इज्मा
हदीस क्या है – इस्लामिक कानून है
इस्लाम में शरीयत का सम्बन्ध किससे है- कानून तथा न्याय से
सल्तनत काल में ‘दस्तर बन्दान’ कौन कहलाते थे – उलेमा
मुस्लिम विधि शरीयत की व्याख्या करने का अधिकार किसे प्राप्त था – उलेमा को
सल्तनत काल में धर्म विभाग का प्रधान कौन होता था – सद्र-उस-सुदूर
खलीफा का मान्यता-पत्र प्राप्त करने वाला दिल्ली का प्रथम सुल्तान कौन था – इल्तुतमिश
दिल्ली सल्तनत में सर्वप्रथम मंसूर किसको मिला था – इल्तुतमिश को
किस सुल्तान ने खलीफा से खिलअत प्राप्त किया था – सुल्तान इल्तुतमिश ने
किस उद्देश्य से इल्तुतमिश ने खलीफा से अधिकार पत्र प्राप्त किया था – सत्ता पर पकड़ मजबूत करने हेतु
किस मंगोल नेता ने खिलाफत को नष्ट करते हुए खलीफा की हत्या कर दी थी – हलाकू ने
किस सुल्तान ने कहा था कि मुझे ‘शरा’ की चिन्ता नहीं है – अलाउद्दीन खिलजी ने
राज कार्यों में उलेमाओं का विरोध सर्वप्रथम किसने किया था – अलाउद्दीन खिलजी ने
सल्तनतकालीन साहित्य, साहित्यकार एवं
रचनाएँ
दिल्ली के सुल्तानों ने किस भाषा को संरक्षण प्रदान किया था – फारसी को
दिल्ली सल्तनत की राजकीय भाषा क्या थी
– फारसी
इल्तुतमिश के शासनकाल में राजनायिक सिद्धान्त तथा राजकीय संगठन की कला पर तैयार किया गया प्रथम मुसलमान गौरव ग्रन्थ कौन-सा था – आदाब-उस-सलातीन
‘किताब-उल-हिन्द’ (या तहकीक-ए-हिन्द) किसकी प्रसिद्ध रचना है – अलबरुनी की
अलबरुनी का वास्तविक नाम क्या था – अबू रेहान
किस लेखक ने प्रसिद्ध पुस्तक ‘किताब-उल-हिन्द’ का अंग्रेजी अनुवाद किया था – ई.सी. सचाउ ने
“हिन्दुओं का यह विश्वास है कि उनके देश जैसा कोई देश नहीं है, उनके राष्ट्र जैसा कोई राष्ट्र नहीं, उनके राजाओं के समान कोई राजा नहीं, उनके विज्ञान के समान कोई विज्ञान नहीं है।” यह कथन किसका है – अलबरुनी का
अमीर खुसरो क्या थे – कवि, संगीतज्ञ व इतिहासकार
अमीर खुसरो का जन्म कहाँ हुआ था
– पटियाली (वर्तमान कासगंज ) में
अमीर खुसरो का जन्म कब हुआ था -1252 ई. में (एन.सी.ई.आर.टी. ) -1253 ई. में (एच.सी. वर्मा)
किसने स्वयं को ‘तूती-ए-हिन्द’ (हिन्दोस्तान का तोता) कहा है – अमीर खुसरो ने
नयी फारसी काव्य-शैली ‘सबक-ए-हिन्दी’ अथवा ‘हिन्दुस्तानी शैली’ के जन्मदाता कौन थे – अमीर खुसरो
कौन-सा कवि हिन्दी और फारसी दोनों भाषाओं का विद्वान था – अमीर खुसरो
वह कौन प्रथम मुस्लिम लेखक था, जिसने अपनी रचनाओं में हिन्दी के शब्दों एवं भारतीय काव्य की कल्पनाओं एवं विषयों का प्रयोग किया था
– अमीर खुसरो ने
अमीर खुसरों के विषय में सत्य कथन है
1.अमीर खुसरो की रचनाओं में हिन्दी के पद समाहित हैं।
- अमीर खुसरो ने हिन्दी के प्रति आदर प्रदर्शित किया तथा इसका अपनी रचनाओं में प्रयोग करने में संकोच नहीं किया।
फारसी का वह प्रथम कवि कौन था, जिसने अपनी कविता में भारतीय पर्यावरण को चित्रित किया था – अमीर खुसरो ने
अमीर खुसरो ने ‘नूहसिपिहर’ की रचना किसकी प्रशंसा में की थी – भारत की प्रशंसा में
अमीर खुसरो के ‘खजाइन-उल-फुतूह’ में किसके सैनिक अभियानों का वर्णन है
अमीर खुसरो के ‘खजाइन-उल-फुतूह’ में किसके सैनिक अभियानों का वर्णन है – दक्षिण भारत में मलिक काफूर के अभियानों का
किस इतिहासकार ने मलिक काफूर के दक्षिणी अभियानों का सर्वाधिक आधिकारिक विवरण दिया है – अमीर खुसरो ने
वह फारसी विद्वान कौन था, जो चित्तौड़ पर अभियान के समय अलाउद्दीन खिलजी के साथ था – अमीर खुसरो
पद्मिनी प्रकरण का उल्लेख किसने किया है -अमीर खुसरो ने
कौन-सा इतिहासकार मंगोलों द्वारा बन्दी बनाया गया था – अमीर खुसरो
अमीर खुसरो बरनी से कितने वर्ष अधिक बड़े थे – 32 वर्ष
किसने दिल्ली के आठ सुल्तानों का शासनकाल देखा था
– अमीर खुसरो ने – अमीर खुसरो
– ‘तुगलकनामा’ का लेखक कौन है,++++++∅
अमीर खुसरो ने जलालुद्दीन खिलजी के सैनिक अभियानों का वर्णन अपनी किस रचना में किया है – मिफ्ता-उल-फुतूह में
यह किसने कहा था कि “शाही मुकुट का प्रत्येक मोती निर्धन किसानों की आँखों से बहा जमा हुआ रक्त है”- अमीर खुसरो ने
भारत में कौव्वाली के नाम से जानी जाने वाली संगीत शैली के आरम्भकर्ता कौन थे – अमीर खुसरो
प्रसिद्ध कवि अमीर खुसरो किस बादशाह के दरबार से सम्बद्ध था – गयासुद्दीन बलबन के दरबार से
प्रसिद्ध कवि अमीर खुसरो किसका दरबारी कवि था – अलाउद्दीन खिलजी का
“कोई भी राजा इतना दयालु, सहानुभूति रखने वाला, विद्वानों तथा वृद्धों के प्रति श्रद्धालु, अपने प्रयासों से कभी साम्राज्य पर आसीन नहीं हुआ।” मिन्हाज-उस-सिराज का यह कथन किससे संबंधित है – इल्तुतमिश से
मिनहाज-उस-सिराज किन शासकों का समकालीन था – दासवंशीय शासकों का
मिनहाज ने अपने ग्रन्थ ‘तबकात-ए-नासिरी’ को किसे समर्पित किया है नासिरुद्दीन महमूद को –
‘तबकात-ए-नासिरी’ का लेखक कौन था
– मिनहाज-उस-सिराज
इतिहासकार मिनहाज के अनुसार दिल्ली का आदर्श सुल्तान कौन था – नासिरुद्दीन महमूद
‘तबकात-ए-नासिरी’ का अंग्रेजी में अनुवाद किसके द्वारा किया गया था – रॉनर्म गा
रचनाओं का सही कालक्रम निम्नलिखित है – किताब-उल-हिन्द, पृथ्वीराज रासो, तबकात- फतवा-ए-जहांदारी
इतिहासकार मिनहाज के अनुसार दिल्ली का आदर्श सुल्तान कौन था – नासिरुद्दीन महमूद
‘तबकात-ए-नासिरी’ का अंग्रेजी में अनुवाद किसके द्वारा किया गया था – रॉनर्म गा
रचनाओं का सही कालक्रम निम्नलिखित है – किताब-उल-हिन्द, पृथ्वीराज रासो, तबकात- फतवा-ए-जहांदारी
वे इतिहासकार कौन हैं, जो अलाउद्दीन खिलजी के मूल्य नियंत्रण उपायों के विषय में सूचना देते हैंजियाउद्दीन बरनी, अमीर खुसरो और इब्नबतूता
अलाउद्दीन खिलजी के बाजार नियंत्रण के बारे में विस्तृत जानकारी का प्रमुख स्रोत कौन-सी पुस्तक है – तारीखे फिरोजशाही
बरनी किसके शासनकाल में था – मुहम्मद तुगलक के
‘रेहला’ का लेखक कौन था – इब्नबतूता
इब्नबतूता का मूल नाम क्या था – अबू अब्दुल्ला मुहम्मद)_⁰
सल्तनतकाल में डाक व्यवस्था का विस्तृत विवरण किसने दिया है – इब्नबतूता ने
“अपने लगभग 30 वर्ष के व्यापक यात्रा जीवन में उसने पूर्वी गोलार्द्ध के विस्तृत भू-भाग की यात्रा की, उस विशाल भू-भाग को देखा, जिसमें आज कोई 44 देश आते हैं और कुल मिलाकर लगभग 73000 मील की दूरी चलकर पार की।” पूर्व आधुनिक काल का संसार का सबसे बड़ा वह यात्री कौन था, जिसका वर्णन उपर्युक्त अवतरण में किया गया है – इब्नबतूता का
“जब उसने सत्ता पाई तब वह शरीयत के नियमों और आदेशों से काफी स्वतंत्र था।” जियाउद्दीन बरनी ने उपर्युक्त वक्तव्य किसके बारे में दिया है
– मुहम्मद तुगलक के बारे में
किस सुल्तान के शासनकाल में संस्कृत ग्रन्थों का फारसी एवं अरबी में अनुवाद कार्य सर्वाधिक हुआ था – फिरोज तुगलक के समय
‘फुतुहात-ए-फिरोजशाही’ का लेखक कौन था
– फिरोज तुगलक
दिल्ली का एकमात्र सुल्तान कौन था जिसने अपनी आत्मकथा लिखी थी – फिरोज तुगलक
‘तारीख-ए-फिरोजशाही’ के रचनाकार कौन थे – शम्स-ए-सिराज अफीफ एवं जियाउद्दीन बरनी
जियाउद्दीन बरनी के विषय में सही कथन है
- वह मुहम्मद तुगलक का समकालीन था।
- वह ‘तारीख-ए-फिरोजशाही’ का लेखक था।
‘तारीख-ए-मुबारकशाही’ का लेखक याह्या सरहिन्दी किसके शासनकाल में था – सैय्यद वंश के शासनकाल में
उस इतिहासकार का नाम बताइए जिसने भारत का विवरण बिना यहाँ कभी आए हुए ही लिखा था – शिहाबुद्दीन अलउमरी
किस रचना में आदर्श मुसलमान शासक के गुणों का उल्लेख किया गया है -फतवा-ए-जहाँदारी में
संस्कृत स्रोतों में संग्रहित ‘तिब्ब-ए-सिकन्दरी’ का विषय क्या था – आयुर्विज्ञान
अष्टखंडीय पुस्तक, ‘हिस्ट्री ऑफ इंडिया एसे टोल्ड बाईं इट्स ऑन हिस्टोरियन्स’ किसके द्वारा सम्पादित हुई थी – एच.एम. इलियट एवं जान डानसन द्वारा
याहिया-बिन सरहिन्दी सैय्यद वंश के किस शासक का समकालीन था – मुबारकशाह का
वाराणसी में रहकर दस वर्षों तक संस्कृत एवं खगोल विद्या का अध्ययन करने वाला अरब कौन था – अल मशेर ( अबू-माशर )
मध्यकालीन भारतीय इतिहास के फारसी स्रोत अधिकांशतः किसके बारे में थे – दरबार की घटनाओं के बारे में थे
चुम्बकीय दिशासूचक का भारतीय महासागरों में प्रयोग की प्रारंभिक सूचना किसके द्वारा दी गई थी – सदरुद्दीन मुहम्मद ‘औफी’ द्वारा
दिल्ली के किस सुल्तान ने ‘गुलरुखी’ के नाम से अनेक कविताएँ लिखी – सिकन्दर लोदी ने
हिन्दू देवी-देवताओं तथा मुस्लिम सन्तों की प्रशंसा में रचित गीतों का संग्रह ‘किताब-ए-नौरस’ किसके द्वारा लिखा गया था – इब्राहिम आदिलशाह
मध्यकालीन भारत का इतिहास किसमें लिखा गया है – फारसी में