भारत सातवीं बार संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के लिए निर्वाचित हुआ

चुनाव और कार्यकाल की जानकारी

भारत को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के लिए वर्ष 2026–28 के कार्यकाल हेतु चुना गया है। यह परिषद में भारत का सातवां कार्यकाल है। चुनाव के परिणाम 14 अक्टूबर 2025 को घोषित किए गए और भारत का तीन वर्षीय कार्यकाल 1 जनवरी 2026 से प्रारंभ होगा।

भारत की आधिकारिक प्रतिक्रिया

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि Parvathaneni Harish ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से सभी प्रतिनिधिमंडलों को उनके भारी समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रताओं के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है और भारत अपने कार्यकाल के दौरान इन उद्देश्यों की सेवा के लिए तत्पर रहेगा।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की संरचना

UNHRC में कुल 47 सदस्य देश होते हैं, जिन्हें संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा तीन वर्ष के कार्यकाल के लिए चुना जाता है। परिषद की सदस्यता न्यायसंगत भौगोलिक वितरण के सिद्धांत पर आधारित होती है।

क्षेत्रीय समूहों के अनुसार सीटों का वितरण

परिषद में अफ्रीकी देशों के लिए 13 सीटें, एशिया-प्रशांत देशों के लिए 13 सीटें, पूर्वी यूरोपीय देशों के लिए 6 सीटें, लैटिन अमेरिकी एवं कैरेबियाई देशों के लिए 8 सीटें तथा पश्चिमी यूरोपीय और अन्य देशों के लिए 7 सीटें निर्धारित हैं।

भारत का UNHRC में पिछला रिकॉर्ड

भारत परिषद की स्थापना 2006 से लगातार इसका सदस्य रहा है, सिवाय 2011, 2018 और 2025 के अनिवार्य विराम वर्षों के। 2006 के पहले चुनाव में भारत को 190 में से 173 मत प्राप्त हुए थे, जो उस समय सर्वाधिक थे।

अनिवार्य विराम और पुनः चुनाव

भारत 2022–24 तक लगातार दो कार्यकाल पूरे करने के बाद 2025 में परिषद से बाहर रहा। परिषद के नियमों के अनुसार लगातार तीसरे कार्यकाल की अनुमति नहीं होती, इसलिए अनिवार्य विराम के बाद भारत ने 2026–28 के लिए पुनः चुनाव लड़ा।

भारत के पूर्व कार्यकाल

भारत इससे पहले 2006–2007, 2008–2010, 2012–2014, 2015–2017, 2019–2021 और 2022–2024 की अवधि में UNHRC का सदस्य रह चुका है।

अन्य निर्वाचित सदस्य देश

भारत के साथ जिन देशों को 1 जनवरी 2026 से शुरू होने वाले तीन वर्षीय कार्यकाल के लिए चुना गया है, उनमें अंगोला, चिली, इक्वाडोर, मिस्र, एस्टोनिया, इराक, इटली, मॉरीशस, पाकिस्तान, स्लोवेनिया, दक्षिण अफ्रीका, यूनाइटेड किंगडम और वियतनाम शामिल हैं।

Source: The Hindu