DNA-आधारित पहली राष्ट्रीय गणना
- भारत में जंगली हाथियों की संख्या 22,446 आंकी गई है।
- यह आंकड़ा 2017 की गणना (27,312) की तुलना में लगभग 18 प्रतिशत कम है।
- यह भारत की पहली DNA-आधारित हाथी जनगणना है।
All-India Synchronous Elephant Estimation (SAIEE) 2025
- SAIEE 2025 के अनुसार:
- हाथियों की अनुमानित संख्या की सीमा: 18,255 से 26,645
- औसत संख्या: 22,446
- रिपोर्ट को 14 अक्टूबर 2025 को जारी किया गया।
- सर्वेक्षण की शुरुआत 2021 में हुई थी, लेकिन:
- जटिल जेनेटिक विश्लेषण
- और डेटा सत्यापन प्रक्रिया
के कारण रिपोर्ट में लगभग 4 वर्ष की देरी हुई।
सर्वेक्षण करने वाले संस्थान
- यह अभ्यास संयुक्त रूप से किया गया:
- Ministry of Environment, Forest and Climate Change
- Project Elephant
- Wildlife Institute of India
सर्वेक्षण की वैज्ञानिक पद्धति
- इस गणना में तीन-चरणीय प्रक्रिया अपनाई गई:
- पहला चरण (मैदानी सर्वेक्षण)
- वनकर्मियों ने M-Stripes मोबाइल ऐप का उपयोग कर पैदल सर्वेक्षण किया।
- हाथियों की उपस्थिति दर्ज की गई।
- दूसरा चरण (उपग्रह आधारित आकलन)
- उपग्रह डेटा से:
- आवास की गुणवत्ता
- मानव हस्तक्षेप (Human Footprint)
का आकलन किया गया।
- उपग्रह डेटा से:
- तीसरा चरण (DNA विश्लेषण)
- गोबर (Dung) से DNA निकाला गया।
- 4,065 अलग-अलग हाथियों की पहचान की गई।
- मार्क–रीकैप्चर मॉडल से कुल आबादी का अनुमान लगाया गया।
- पहला चरण (मैदानी सर्वेक्षण)
सर्वेक्षण का पैमाना
- एकत्र किए गए गोबर नमूने: 21,056
- कवर किए गए वन पथ: लगभग 6.7 लाख किलोमीटर
- बनाए गए गोबर प्लॉट्स: 3.1 लाख से अधिक
क्षेत्रवार हाथियों की संख्या
- पश्चिमी घाट: 11,934 (सबसे बड़ा गढ़)
- पूर्वोत्तर पहाड़ियाँ एवं ब्रह्मपुत्र बाढ़ क्षेत्र: 6,559
- शिवालिक पहाड़ियाँ एवं गंगा के मैदान: 2,062
- मध्य भारत एवं पूर्वी घाट: 1,891
राज्यवार प्रमुख आंकड़े
- कर्नाटक: 6,013 (सबसे अधिक)
- असम: 4,159
- तमिलनाडु: 3,136
- केरल: 2,785
- उत्तराखंड: 1,792
- ओडिशा: 912
- छत्तीसगढ़ + झारखंड: 650 से अधिक
पूर्वोत्तर राज्यों में हाथियों की स्थिति
- अरुणाचल प्रदेश: 617
- मेघालय: 677
- नागालैंड: 252
- त्रिपुरा: 153
अत्यंत छोटे और विखंडित झुंड
- मध्य भारत और पूर्वी भारत के कुछ राज्यों में:
- मध्य प्रदेश: 97
- महाराष्ट्र: 63
- यहाँ हाथियों की आबादी बहुत छोटी और बिखरी हुई है।
भारत में एशियाई हाथियों का वैश्विक महत्व
- भारत में विश्व के 60% से अधिक एशियाई हाथी पाए जाते हैं।
- लेकिन:
- आवासीय क्षेत्रों पर अतिक्रमण
- बुनियादी ढांचा परियोजनाएँ
- मानव–हाथी संघर्ष
के कारण उनका प्राकृतिक आवास लगातार सिकुड़ता जा रहा है।
रिपोर्ट का महत्व
- यह DNA-आधारित गणना:
- भविष्य की निगरानी के लिए वैज्ञानिक आधार (Baseline) स्थापित करती है।
- हाथी संरक्षण और प्रबंधन नीति को अधिक सटीक और प्रमाण-आधारित बनाएगी।
- यह अध्ययन भारत की वन्यजीव संरक्षण रणनीति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।