प्रतियोगिता का आयोजन और भारत का प्रदर्शन
विश्व पैरा एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2025 का आयोजन नई दिल्ली में किया गया। इस प्रतियोगिता में भारत ने अपने इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कुल 22 पदक जीते, जिनमें 6 स्वर्ण, 9 रजत और 7 कांस्य पदक शामिल रहे। 73 सदस्यीय भारतीय दल पदक तालिका में 10वें स्थान पर रहा। यह उपलब्धि पैरा खेलों में भारत की बढ़ती क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूत स्थिति को दर्शाती है।
पिछले वर्षों की तुलना में प्रगति
भारत ने 2024 में जापान के कोबे में आयोजित चैम्पियनशिप में 17 पदक जीते थे। इससे पहले 2019 दुबई संस्करण में भारत ने 9 पदक और 2023 पेरिस संस्करण में 10 पदक जीते थे। इस प्रकार भारत का प्रदर्शन लगातार बेहतर होता गया है, जो पैरा एथलेटिक्स में दीर्घकालिक विकास को दर्शाता है।
रिकॉर्ड और व्यक्तिगत उपलब्धियाँ
भारतीय खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता के दौरान 3 चैम्पियनशिप रिकॉर्ड और 7 एशियाई रिकॉर्ड बनाए। इसके अलावा लगभग 30 खिलाड़ियों ने अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किए। यह दर्शाता है कि भारतीय पैरा एथलीट केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं रहे बल्कि तकनीकी और प्रदर्शन स्तर पर भी निरंतर प्रगति कर रहे हैं।
प्रमुख स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी
सुमित अंतिल ने पुरुष भाला फेंक एफ64 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर लगातार तीसरी बार विश्व चैम्पियन बनने का गौरव प्राप्त किया और नया चैम्पियनशिप रिकॉर्ड बनाया।
सिमरन शर्मा ने महिला 100 मीटर टी12 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता।
निशाद कुमार ने पुरुष हाई जंप टी47 स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया।
संदीप संजय सरगर ने पुरुष भाला फेंक एफ44 स्पर्धा में स्वर्ण पदक प्राप्त किया।
रिंकू हुड्डा ने पुरुष भाला फेंक एफ46 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता।
शैलेश कुमार ने पुरुष हाई जंप टी63 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।
रजत और कांस्य पदक विजेताओं का योगदान
प्रीति पाल, नवदीप, एकता भयान, धरमबीर, योगेश कठुनिया, सुंदर सिंह गुर्जर और दीप्थी जीवनजी सहित कई खिलाड़ियों ने रजत पदक जीतकर भारत के पदक संग्रह में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
संदीप, सोमन राणा, प्रवीण कुमार, प्रदीप कुमार, अतुल कौशिक और वरुण सिंह भाटी सहित खिलाड़ियों ने कांस्य पदक प्राप्त कर टीम प्रदर्शन को मजबूत किया।
दोहराव प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी
सुमित अंतिल, सिमरन शर्मा, योगेश कठुनिया और प्रीति पाल जैसे खिलाड़ियों ने लगातार विश्व स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन बनाए रखा। यह निरंतरता भारतीय पैरा एथलेटिक्स की मजबूती को दर्शाती है।
भाला फेंक स्पर्धा में भारत का दबदबा
इस प्रतियोगिता में भाला फेंक स्पर्धा भारत के लिए विशेष रूप से सफल रही। इस स्पर्धा में भारत ने कुल छह पदक जीते। कई वर्गों में भारतीय खिलाड़ियों ने दोहरे पदक हासिल किए, जिससे इस खेल में भारत की बढ़ती विशेषज्ञता स्पष्ट हुई।
पैरा खेलों के विकास का महत्व
पैरा खेलों में सफलता से खेलों में समावेशिता को बढ़ावा मिला है तथा दिव्यांग खिलाड़ियों के प्रति समाज का दृष्टिकोण सकारात्मक हुआ है। सरकार और खेल संस्थाओं द्वारा प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और खेल अवसंरचना में सुधार से पैरा खेलों को नई दिशा मिल रही है।
भविष्य की संभावनाएँ
विश्व चैम्पियनशिप 2025 में भारत का प्रदर्शन यह संकेत देता है कि आने वाले पैरालंपिक और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में भारत की स्थिति और मजबूत हो सकती है। खिलाड़ियों का अनुभव, निरंतर प्रशिक्षण और तकनीकी सुधार भविष्य में बेहतर प्रदर्शन की संभावनाओं को बढ़ाते हैं।
यह लेख शैक्षणिक एवं सामान्य सूचना के उद्देश्य से, विषयगत जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।