निदेशक की नियुक्ति
Botanical Survey of India (BSI) को नया निदेशक मिला है। डॉ. Kanad Das ने 25 सितंबर 2025 को संस्थान के 13वें निदेशक के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। वे इस प्रतिष्ठित संस्थान का नेतृत्व करने वाले पहले माइकोलॉजिस्ट (फफूंद विशेषज्ञ) हैं। यह संस्थान Ministry of Environment, Forest and Climate Change के अंतर्गत कार्य करता है।
वैज्ञानिक विशेषज्ञता और उपलब्धियां
डॉ. कनाड दास फफूंदों की टैक्सोनॉमी के विशेषज्ञ माने जाते हैं। उनके वैज्ञानिक कार्यों में भारत में जंगली मशरूम की दो नई जीनस और 165 नई प्रजातियों की खोज शामिल है। यह उपलब्धि भारतीय जैव विविधता के दस्तावेजीकरण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
शोध कार्य और प्रकाशन
डॉ. दास के 170 से अधिक शोध पत्र प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जर्नलों में प्रकाशित हो चुके हैं। इनमें Nature Portfolio (Scientific Reports), Fungal Diversity, Journal of Fungi, Mycosphere और IMA Fungus जैसे प्रमुख जर्नल शामिल हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने जंगली मशरूम पर आठ महत्वपूर्ण पुस्तकें भी लिखी हैं।
पेशेवर अनुभव
डॉ. कनाड दास ने अपने करियर की शुरुआत देहरादून में BSI में शोध छात्र के रूप में की थी। उनके पास 25 वर्षों से अधिक का अनुसंधान एवं प्रशासनिक अनुभव है। वे आचार्य जगदीश चंद्र बोस इंडियन बोटैनिक गार्डन तथा सेंट्रल नेशनल हर्बेरियम के प्रमुख के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
फ्लोरा ऑफ इंडिया चेकलिस्ट
द हिंदू से बातचीत में डॉ. दास ने बताया कि उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी देश के निचले वर्ग के पौधों और फफूंदों की एक व्यापक चेकलिस्ट तैयार करना होगी। उन्होंने यह भी कहा कि उच्च वर्ग के पौधों से संबंधित फ्लोरा ऑफ इंडिया चेकलिस्ट का कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
हर्बेरियम डेटा का डिजिटलीकरण
डॉ. दास ने यह भी स्पष्ट किया कि BSI राष्ट्रीय हर्बेरियम नमूनों के डेटाबेस के डिजिटलीकरण को प्राथमिकता देगा, ताकि आम नागरिक भी इस वैज्ञानिक जानकारी तक आसानी से पहुंच सकें।
पूर्व निदेशक और संस्थागत जानकारी
डॉ. कनाड दास ने ए. ए. माओ का स्थान लिया है, जो पौध ऊतक संवर्धन और रोडोडेंड्रॉन की टैक्सोनॉमी के विशेषज्ञ थे। भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण की स्थापना 1890 में हुई थी। वर्तमान में इसके 11 क्षेत्रीय केंद्र हैं तथा चार इकाइयों का मुख्यालय कोलकाता में स्थित है।
यह लेख शैक्षणिक एवं सामान्य सूचना के उद्देश्य से, विषयगत जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।