कमीशनिंग कार्यक्रम का विवरण
भारतीय तटरक्षक बल के फास्ट पेट्रोल वेसल ICGS अक्षर को कराईकल में विधिवत कमीशन किया गया। यह आठ आदम्य श्रेणी के फास्ट पेट्रोल वेसल्स की श्रृंखला में दूसरा पोत है। इस अवसर पर रक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव दीप्ति मोहिल चावला ने पोत को राष्ट्र को समर्पित किया। समारोह में तटरक्षक कमांडर (पूर्वी तट) अतिरिक्त महानिदेशक डॉनी माइकल भी उपस्थित रहे।
यह पोत Indian Coast Guard की परिचालन क्षमताओं को और सुदृढ़ करेगा।
स्वदेशी निर्माण और आत्मनिर्भर भारत
ICGS अक्षर का निर्माण Goa Shipyard Limited द्वारा स्वदेशी रूप से किया गया है।
पोत में 60 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है, जो सरकार की आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया पहल को मजबूती देता है।
तकनीकी विशेषताएं
ICGS अक्षर लगभग 51 मीटर लंबा है और इसका विस्थापन लगभग 320 टन है।
यह दो 3000 किलोवाट डीजल इंजनों से संचालित होता है, जिससे इसकी अधिकतम गति 27 नॉट्स है।
पोत की समुद्री सहनशीलता 1500 नौटिकल मील तक है।
इसमें इंटीग्रेटेड ब्रिज सिस्टम, इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट सिस्टम और स्वचालित पावर मैनेजमेंट सिस्टम लगाए गए हैं, जो मिशन की दक्षता और तत्परता को बढ़ाते हैं।
हथियार प्रणाली और सुरक्षा क्षमता
पोत पर 30 मिमी CRN-91 गन तथा दो 12.7 मिमी स्टेबलाइज्ड रिमोट कंट्रोल्ड गन्स तैनात हैं।
इन हथियार प्रणालियों में आधुनिक फायर कंट्रोल सिस्टम लगाए गए हैं, जो समुद्री सुरक्षा अभियानों में उच्च सटीकता सुनिश्चित करते हैं।
परिचालन भूमिका और तैनाती
ICGS अक्षर को कराईकल में आधारित किया जाएगा और यह तटरक्षक क्षेत्र (पूर्व) के प्रशासनिक नियंत्रण में रहेगा।
यह पोत समुद्री निगरानी, तटीय सुरक्षा और कानून प्रवर्तन से जुड़े अभियानों में भारत के पूर्वी समुद्री तट पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
चालक दल और नेतृत्व
इस पोत का संचालन कमांडेंट (जूनियर ग्रेड) शुभेंदु चक्रवर्ती के नेतृत्व में किया जाएगा।
पोत पर कुल पांच अधिकारी और 33 नाविक तैनात रहेंगे।
यह लेख शैक्षणिक एवं सामान्य सूचना के उद्देश्य से, विषयगत जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।