बोत्सवाना से 9 चीते (6 मादा, 3 नर) मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क (श्योपुर) में छोड़े गए।
भारत में विलुप्त हो चुके चीतों को पुनः बसाना और उनकी संख्या बढ़ाना।
चीतों का विलुप्त होना लगभग 70 वर्ष पहले अत्यधिक शिकार के कारण हुआ था।
चीते IAF के C-17 ग्लोबमास्टर विमान से बोत्सवाना से ग्वालियर लाए गए। वहां से हेलीकॉप्टर द्वारा कुनो पार्क पहुंचाया गया।
कुनो नेशनल पार्क और गांधी सागर अभयारण्य में कुल 48 चीते (वयस्क + शावक), इनमें से 45 कुनो में मौजूद
प्रोजेक्ट के चरण
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पहला चरण (2022): नामीबिया से 8 चीते
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दूसरा चरण (2023): दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते
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तीसरा चरण (2026): बोत्सवाना से 9 चीते
आगे की प्रक्रिया
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सभी चीतों को क्वारंटीन बाड़ों (बोमा) में लगभग 1 माह रखा जाएगा।
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इसके बाद उन्हें जंगल में छोड़ा जाएगा।
अन्य महत्वपूर्ण बातें
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यह तीसरा अंतरमहाद्वीपीय स्थानांतरण है।
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सरकार अब मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने पर ध्यान दे रही है।
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इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस की बैठक मई में नई दिल्ली में होगी।