भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृति के साथ प्रधानमंत्री इलेक्ट्रिक ड्राइव रिवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एन्हांसमेंट (PM E-DRIVE) योजना की शुरुआत की है। यह योजना 29 सितंबर 2024 को गजट अधिसूचना S.O. 4259 (E) के माध्यम से अधिसूचित की गई। योजना का क्रियान्वयन 1 अक्टूबर 2024 से 31 मार्च 2026 तक किया जाएगा। इसके साथ ही, 1 अप्रैल 2024 से 30 सितंबर 2024 तक लागू EMPS-2024 (ई-2W और ई-3W से संबंधित) के अंतर्गत स्वीकृत वाहनों और व्यय को PM E-DRIVE योजना में समाहित कर दिया गया है, जिससे योजना की प्रभावी अवधि कुल दो वर्ष की हो जाती है।
PM E-DRIVE योजना को तीन प्रमुख घटकों के माध्यम से लागू किया जाएगा। पहला घटक सब्सिडी से जुड़ा है, जिसके तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया (e-2W), इलेक्ट्रिक तिपहिया (e-3W), ई-एंबुलेंस, ई-ट्रक और भविष्य में अधिसूचित होने वाली अन्य उभरती इलेक्ट्रिक वाहन श्रेणियों के लिए मांग-आधारित प्रोत्साहन (डिमांड इंसेंटिव) दिए जाएंगे। दूसरा घटक पूंजीगत परिसंपत्तियों के सृजन से संबंधित है, जिसमें इलेक्ट्रिक बसों की खरीद, चार्जिंग स्टेशनों के नेटवर्क की स्थापना तथा भारी उद्योग मंत्रालय की परीक्षण एजेंसियों के उन्नयन के लिए अनुदान शामिल है। तीसरा घटक योजना के प्रशासन से संबंधित है, जिसमें सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) गतिविधियाँ तथा परियोजना प्रबंधन एजेंसी (PMA) की फीस शामिल होगी।
इस योजना के अंतर्गत जिन वाहनों को सहायता के लिए पात्र माना गया है, उनमें केवल इलेक्ट्रिक बसें (ई-बस), पंजीकृत ई-रिक्शा एवं ई-कार्ट सहित इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन (L5 श्रेणी), इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन, इलेक्ट्रिक/प्लग-इन हाइब्रिड/स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड ई-एंबुलेंस तथा ई-ट्रक और अन्य नई उभरती इलेक्ट्रिक वाहन श्रेणियाँ (जिनकी अधिसूचना बाद में जारी की जाएगी) शामिल हैं।
योजना का मुख्य उद्देश्य आम जनता के लिए किफायती और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है। इसी कारण यह योजना मुख्य रूप से सार्वजनिक परिवहन में उपयोग होने वाले या वाणिज्यिक प्रयोजनों के लिए पंजीकृत वाहनों—विशेषकर ई-3W, ई-ट्रक और अन्य नई श्रेणियों—पर लागू होगी। हालांकि, निजी या कॉरपोरेट स्वामित्व वाले पंजीकृत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन भी इस योजना के अंतर्गत पात्र होंगे। ई-एंबुलेंस के लिए पात्र लाभार्थियों का निर्धारण स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के परामर्श से किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, यदि किसी केंद्रीय या राज्य सरकारी विभाग या उसकी एजेंसियों द्वारा पात्र OEMs से इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे जाते हैं, तो उन्हें PM E-DRIVE के अंतर्गत मांग प्रोत्साहन नहीं दिया जाएगा, क्योंकि इससे सरकारी मदों के बीच धन का स्थानांतरण माना जाएगा।
समग्र रूप से, PM E-DRIVE योजना का उद्देश्य देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने को बढ़ावा देना, चार्जिंग अवसंरचना का विस्तार करना और स्वच्छ, टिकाऊ तथा हरित परिवहन प्रणाली को सुदृढ़ करना है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत को आगे बढ़ाया जा सके।