भारत सरकार ने 23 फरवरी 2026 को देश की पहली व्यापक आतंकवाद-रोधी नीति PRAHAAR जारी की। इसे Ministry of Home Affairs (गृह मंत्रालय) ने जारी किया है।
इससे पहले 7 नवंबर 2024 को गृह मंत्री Amit Shah ने इस नीति के मसौदे की घोषणा की थी। 2015 में वामपंथी उग्रवाद (LWE) के लिए अलग नीति लाई गई थी। अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद National Investigation Agency (NIA) ने राज्यों के साथ बैठकें कीं।
इस महत्वपूर्ण नीति के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
PRAHAAR क्या है?
यह भारत की पहली राष्ट्रीय काउंटर टेररिज्म नीति और रणनीति है।
इसका उद्देश्य आतंकवाद और उसके पूरे इकोसिस्टम (फंडिंग, भर्ती, लॉजिस्टिक्स, प्रोपेगेंडा) को खत्म करना है।
यह नीति MHA की वेबसाइट पर अपलोड की गई है।
भारत के सामने आतंकवादी खतरे
भारत को जल, थल और वायु – तीनों मोर्चों पर खतरा।
सीमापार प्रायोजित आतंकवाद (Sponsored Terrorism) एक बड़ी चुनौती।
पंजाब और जम्मू-कश्मीर में ड्रोन के माध्यम से हथियार और नशीले पदार्थ भेजने की घटनाएँ।
वैश्विक आतंकी संगठन जैसे Al-QaedaI, Islamic State of Iraq and Syria (ISIS) भारत में स्लीपर सेल के जरिए हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।
साइबर और तकनीकी खतरे
“क्रिमिनल हैकर्स” और कुछ राष्ट्र-राज्य (Nation States) साइबर हमलों के जरिए भारत को निशाना बना रहे हैं।
आतंकवादी संगठन सोशल मीडिया, इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स, एन्क्रिप्शन, डार्क वेब, क्रिप्टो वॉलेट, ड्रोन और रोबोटिक्स का घातक उपयोग बढ़ता खतरा।
CBRNED खतरा
आतंकवादी CBRNED (Chemical, Biological, Radiological, Nuclear, Explosive, Digital) सामग्री तक पहुँच बनाने की कोशिश कर सकते हैं।
ऐसी सामग्री को रोकना काउंटर टेरर एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती है।
महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सुरक्षा
सरकार ने बिजली (Power Sector), रेलवे, एविएशन, पोर्ट्स, रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा क्षेत्रों की सुरक्षा क्षमता बढ़ाई है:
आतंकवाद और धर्म
नीति स्पष्ट करती है कि भारत आतंकवाद को किसी धर्म, जाति, राष्ट्रीयता या सभ्यता से नहीं जोड़ता।
कानूनी और जांच सुधार
FIR दर्ज होने से लेकर मुकदमे के अंत तक हर चरण में कानूनी विशेषज्ञों को शामिल करने का सुझाव।
उद्देश्य: आतंकियों को सख्त सजा दिलाने के लिए मजबूत केस तैयार करना।
कट्टरपंथ रोकने के उपाय
युवाओं की भर्ती रोकने के लिए इंटेलिजेंस एजेंसियों की सक्रिय भूमिका।
पहचान होने पर “ग्रेडेड पुलिस रिस्पॉन्स” (स्तर अनुसार कार्रवाई)।
सामुदायिक और धार्मिक नेताओं की भागीदारी।
जेलों में कट्टरपंथ रोकने के लिए विशेष सावधानी।
डि-रैडिकलाइजेशन प्रोग्राम।
राज्यों के लिए समान ढांचा
पूरे देश में एक समान एंटी-टेरर स्ट्रक्चर बनाने की योजना।
प्रक्रियाओं का मानकीकरण (Standardisation) ताकि हर राज्य में समान प्रतिक्रिया हो।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग
आतंकवाद एक ट्रांसनेशनल (अंतरराष्ट्रीय) समस्या है।
राष्ट्रीय कार्रवाई के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक सहयोग पर जोर।