जिम्बाब्वे में दीर्घकालिक HIV रोकथाम इंजेक्शन लेनाकापाविर की शुरुआत

लेनाकापाविर इंजेक्शन का वितरण

अफ्रीकी देश जिम्बाब्वे ने HIV संक्रमण की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दीर्घकालिक प्रभाव वाले इंजेक्शन लेनाकापाविर का वितरण शुरू कर दिया है। यह इंजेक्शन वर्ष में केवल दो बार दिया जाता है और इसकी प्रत्येक खुराक लगभग छह महीने तक HIV संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करती है। इस प्रकार यह दवा पारंपरिक दैनिक दवाओं की तुलना में अधिक सुविधाजनक और प्रभावी मानी जा रही है।

शुरुआती देशों में शामिल जिम्बाब्वे

जिम्बाब्वे उन शुरुआती देशों में शामिल है जिन्होंने इस विस्तारित प्रभाव वाले HIV-रोकथाम इंजेक्शन को अपनाया है। पिछले दो दशकों में देश में HIV/AIDS के कारण हजारों लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जिससे यह बीमारी जिम्बाब्वे की एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई है। ऐसे में इस नई दवा से संक्रमण की रोकथाम में उल्लेखनीय सहायता मिलने की उम्मीद की जा रही है।

पहले चरण का लक्ष्य समूह

इस कार्यक्रम के पहले चरण में लगभग 46,500 ऐसे लोगों को लक्षित किया गया है, जिनमें HIV संक्रमण का जोखिम अधिक है। लाभार्थियों को पहली खुराक दिए जाने के छह महीने बाद दूसरी खुराक दी जाएगी, ताकि निरंतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह इंजेक्शन पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।

संवेदनशील वर्गों पर विशेष फोकस

सरकार ने इस पहल के अंतर्गत विशेष रूप से संवेदनशील और जोखिमग्रस्त समूहों को प्राथमिकता दी है। इनमें युवा महिलाएं, गर्भवती महिलाएं तथा स्तनपान कराने वाली माताएं शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन वर्गों तक दवा की पहुंच बढ़ाकर नए HIV संक्रमणों की संख्या में कमी लाई जा सकती है।

दवा का विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग

लेनाकापाविर का विकास अमेरिका स्थित जैव-औषधि कंपनी Gilead Sciences द्वारा किया गया है। इस कार्यक्रम को अमेरिका की President’s Emergency Plan for AIDS Relief (PEPFAR) और The Global Fund के सहयोग से समर्थन प्राप्त है। अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के माध्यम से जिम्बाब्वे जैसे देशों में उन्नत HIV रोकथाम उपायों को लागू करना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।