ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ‘विकसित भारत बिल्डाथॉन’ के ब्रांड एंबेसडर नियुक्त

नियुक्ति और कार्यक्रम का उद्देश्य

केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत बिल्डाथॉन’ के ब्रांड एंबेसडर के रूप में Shubhanshu Shukla को नियुक्त किया गया है। यह एक राष्ट्रव्यापी नवाचार अभियान है, जिसका उद्देश्य कक्षा 6 से 12 तक के स्कूली छात्रों में रचनात्मकता, वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देना है।

विकसित भारत बिल्डाथॉन की प्रमुख विशेषताएं

‘विकसित भारत बिल्डाथॉन’ देश का अब तक का सबसे बड़ा स्कूल-स्तरीय हैकाथॉन है। इसके तहत देशभर के लगभग 1.5 लाख स्कूलों से एक करोड़ से अधिक छात्रों को जोड़ा जाएगा। छात्र चार राष्ट्रीय विषयों के अंतर्गत विचार प्रस्तुत करेंगे, डिजाइन तैयार करेंगे और प्रोटोटाइप विकसित करेंगे।

आयोजन और संस्थागत सहयोग

यह हैकाथॉन Ministry of Education द्वारा Atal Innovation Mission के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्कूल स्तर पर नवाचार संस्कृति को संस्थागत रूप देना है।

शिक्षा मंत्रालय के साथ संवाद

ब्रांड एंबेसडर नियुक्त होने के बाद ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने स्कूल शिक्षा सचिव Sanjay Kumar से मुलाकात की। इस दौरान बिल्डाथॉन की परिकल्पना और पहलों पर चर्चा की गई, जो प्रधानमंत्री Narendra Modi के वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा देने के विजन से जुड़ी हैं।

शुभांशु शुक्ला का परिचय

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना के अधिकारी और टेस्ट पायलट हैं। वे 39 वर्ष के हैं और उन्होंने अंतरिक्ष यात्रा के क्षेत्र में भारत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचने वाले पहले भारतीय

शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) तक पहुंचने वाले पहले भारतीय बने हैं। उन्होंने यह उपलब्धि Axiom-4 मिशन के तहत हासिल की, जो एक व्यावसायिक अंतरिक्ष उड़ान थी।

Axiom-4 मिशन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग

Axiom-4 मिशन को ISRO और NASA का समर्थन प्राप्त था तथा इसका संचालन Axiom Space द्वारा किया गया। इस मिशन के साथ भारत ने अंतरिक्ष अन्वेषण में एक नया अध्याय जोड़ा।

भारतीय अंतरिक्ष इतिहास में स्थान

शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय हैं। उनसे पहले Rakesh Sharma ने 1984 में अंतरिक्ष यात्रा की थी। इस प्रकार, शुभांशु शुक्ला की उपलब्धि भारतीय अंतरिक्ष इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।

यह लेख शैक्षणिक एवं सामान्य सूचना के उद्देश्य से, विषयगत जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।