अंतरराष्ट्रीय पर्पल फेस्ट गोवा 2025: दिव्यांगजनों की सुगम्यता हेतु तीन ऐतिहासिक पहलें

अंतरराष्ट्रीय पर्पल फेस्ट गोवा 2025 का परिचय

International Purple Fest Goa 2025 का आयोजन 9 से 12 अक्टूबर के बीच गोवा में किया गया। यह एक वैश्विक स्तर का आयोजन है, जिसका उद्देश्य समावेशन, सुगम्यता और Universal Design के लिए समावेशी सोच को आधार बनाना है। इस आयोजन की मेज़बानी Department for Empowerment of Persons with Disabilities और Office of the State Commissioner for Persons with Disabilities, Goa द्वारा की गई। यह कार्यक्रम Ministry of Social Justice and Empowerment, Government of India तथा United Nations India के सहयोग से आयोजित हुआ।

पहलों का शुभारंभ

इन तीनों पहलों का शुभारंभ Rajesh Aggarwal, सचिव, Department for Empowerment of Persons with Disabilities, भारत सरकार द्वारा किया गया।

दिव्यांगजनों के लिए IELTS प्रशिक्षण पुस्तिका

पहली पहल के अंतर्गत IELTS Training Handbook for Persons with Disabilities का लोकार्पण किया गया। यह पुस्तिका Believe in the Invisible (BITI) द्वारा विकसित की गई है और Department for Empowerment of Persons with Disabilities के सहयोग से तैयार की गई है। इसकी लेखिका Anjali Vyas हैं, जो BITI की सह-संस्थापक तथा British Council प्रमाणित IELTS प्रशिक्षक हैं।

यह पुस्तिका दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित, चलन-बाधित तथा अन्य प्रकार की दिव्यांगताओं वाले छात्रों के लिए IELTS की तैयारी को सरल, संरचित और सुलभ बनाती है। यह स्वयं अध्ययन के साथ-साथ प्रशिक्षकों के लिए शिक्षण मार्गदर्शिका के रूप में भी उपयोगी है। इसमें चरणबद्ध निर्देश, कौशल-विकास गतिविधियाँ, सुगम अभ्यास सामग्री, लेसन प्लान, परीक्षा तैयारी तकनीकें, समय प्रबंधन, व्याकरण एवं शब्दावली सहायता तथा Indian Sign Language वीडियो के लिंक शामिल हैं। यह पहल अदृश्य दिव्यांगताओं को दृश्यता देने और सार्वभौमिक सुगम शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जुड़ी हुई है।

भारतीय सांकेतिक भाषा में पूर्व अनुभव मान्यता प्रमाणन

दूसरी पहल की घोषणा Indian Sign Language Research and Training Centre (ISLRTC) द्वारा की गई। ISLRTC भारतीय सांकेतिक भाषा के क्षेत्र में अनुसंधान, प्रशिक्षण और विकास की शीर्ष संस्था है। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की Skill Training Initiative के अंतर्गत ISL Interpretation में Recognition of Prior Learning आधारित CISLI/Skill Course का आयोजन किया गया।

यह पाठ्यक्रम SODA (Siblings of Deaf Adults) और CODA (Children of Deaf Adults) के लिए आयोजित किया गया था। यह प्रशिक्षण 11 से 29 अगस्त 2025 के दौरान ISLRTC, नई दिल्ली में ऑफलाइन मोड में संपन्न हुआ। देशभर से 17 प्रतिभागियों ने इस कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा किया और उनके प्रदर्शन के आधार पर ग्रेड प्रदान किए गए। इस पहले बैच के प्रमाणपत्र वितरण समारोह का आयोजन 3 दिसंबर 2025 को दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर किया जाएगा।

अमेरिकी और ब्रिटिश सांकेतिक भाषा पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम

तीसरी पहल के अंतर्गत ISLRTC ने American Sign Language और British Sign Language पर आधारित एक विशेष बेसिक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की। यह एक माह का कार्यक्रम होगा, जिसकी शुरुआत 3 दिसंबर 2025 से होगी। इसका उद्देश्य भारतीय सांकेतिक भाषा पेशेवरों को ASL और BSL की मूल संरचना, व्याकरण, वाक्यविन्यास और शब्दावली से परिचित कराना है।

इस पहल से भारतीय दुभाषियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव मिलेगा, उनके लिए वैश्विक रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और साथ ही भारत की संस्कृति एवं विरासत का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसार होगा।

समग्र महत्व

इन तीनों पहलों के माध्यम से दिव्यांगजनों के लिए शिक्षा, संचार और कौशल विकास के अधिक समावेशी और सशक्त मार्ग तैयार किए जा रहे हैं। यह प्रयास राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर दिव्यांग व्यक्तियों को सीखने, संवाद करने और आत्मनिर्भर बनने में सहायता प्रदान करेगा।